पशु अतिचार अधिनियम, 1871: धारा 12
शहरी क्षेत्रों में जुर्माने की दरें पशु द्वारा पहुंचाई गई शारीरिक चोट या सार्वजनिक अथवा निजी संपत्ति के नुकसान के आधार पर होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में इसे लघु और सीमांत किसानों की आर्थिक क्षमता के अनुरूप रखा जाना चाहिए। आवासीय क्षेत्रों में पालतू जानवरों द्वारा गंदगी फैलाने या हमला करने के लिए अलग और स्पष्ट जुर्माने का प्रावधान होना चाहिए। अगर आवारा पशु के अतिचार के कारण नुकसान या चोट लगी हो तो ऐसे आवारा पशु को तुरंत जब्त कर कांजी हौस मे रखा जाए, उसके बर्ताव का अध्ययन कर उसे उचित चिकित्सा दी जाए।
