Criminal Lex

७. आर्थिक गणित और लाभ

यह मॉडल निर्माता को सीधे पैसे दिलाता है, जबकि प्लेटफॉर्म उसमें से २० से ५० प्रतिशत हिस्सा कमीशन के रूप में अपने पास रखता है। निकटता और विशिष्टता का भ्रम पैदा करके ग्राहकों से अधिक पैसे वसूले जाते हैं। इससे नग्नता एक वस्तु बन गई है, जिसकी कीमत मांग और आपूर्ति के अनुसार तय होती है। यह मॉडल निर्माताओं को और अधिक स्पष्ट तथा भड़काऊ होने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है, क्योंकि इसके बिना उनकी आय बनी नहीं रहती।

७. आर्थिक गणित और लाभ Read Post »

Criminal Lex

6. The Algorithm Engine

In the digital world, numbers decide everything. Perhaps the judges were unaware of how the algorithm engine works. The algorithms that run digital platforms are designed to keep users hooked. These technical engines play a major role in the spread of obscene or indecent content. It is essential to understand the various aspects of how these algorithms function.

6. The Algorithm Engine Read Post »

Criminal Lex

६. अल्गोरिदमचे इंजिन

अल्गोरिदमला ही ‘एन्गेजमेंट’ दिसते आणि त्याला वाटते की ही सामग्री दर्जेदार आहे. परिणामी, तो अशा सामग्रीला अधिक प्राधान्य देतो आणि ती जास्तीत जास्त लोकांच्या फीडमध्ये ढकलतो. हा एक असा सापळा आहे जिथे नैतिकता आणि दर्जापेक्षा केवळ ‘क्लिक्स’ आणि ‘व्ह्यूज’ला महत्त्व दिले जाते.

६. अल्गोरिदमचे इंजिन Read Post »

Criminal Lex

५. शस्त्रागार – अनुचित सामग्री के प्रकार

एक वर्ष पहले यूट्यूब के एक वायरल शो में बोले गए अभद्र संवादों के कारण देशभर में आक्रोश पैदा हुआ था। एक समय ऐसा था जब बहुत से अपशब्दों का अर्थ भी लोगों को पता नहीं था, क्योंकि लोग एकांत में ही निजी क्रियाएं करते थे।

५. शस्त्रागार – अनुचित सामग्री के प्रकार Read Post »

Criminal Lex

५. शस्त्रागार – अनुचित साहित्याचे प्रकार

अशा प्रतिमांचा सततचा मारा मानवी मेंदूला उत्तेजित करतो आणि वास्तविक नातेसंबंधांबद्दलच्या धारणा बदलतो. स्त्रियांच्या शरीराचे वस्तूकरण करण्यात या दृश्य साहित्याचा मोठा वाटा आहे. या प्रकारच्या सामग्रीमुळे समाजातील लैंगिक गुन्हेगारीत वाढ होत असल्याचे दिसून येते, कारण अशा प्रतिमांमुळे लैंगिक इच्छांचे विकृतीकरण होते आणि नैतिक मर्यादा शिथिल होतात.

५. शस्त्रागार – अनुचित साहित्याचे प्रकार Read Post »

Criminal Lex

४. निर्माते – प्रेरणा आणि मानसशास्त्र

डिजिटल जगात लाईक्स, कमेंट्स आणि व्ह्यूज हे यशाचे मापदंड मानले जातात. जेव्हा एखादी व्यक्ती स्वतःच्या शरीराचे किंवा खाजगी क्षणांचे प्रदर्शन करते, तेव्हा तिला मिळणारी तात्काळ प्रसिद्धी ही एका प्रकारच्या क्षणिक मानसिक समाधानाची निर्मिती करते.

४. निर्माते – प्रेरणा आणि मानसशास्त्र Read Post »

Criminal Lex

४. निर्माता – प्रेरणा और मनोविज्ञान

समाज में सामान्य रूप से जो चीजें वर्जित मानी जाती हैं, उन्हें खुलेआम प्रस्तुत करने से मिलने वाली सनसनीखेज प्रसिद्धि निर्माता को शक्ति का एक झूठा आभास कराती है। इस मानसिकता के कारण व्यक्ति धीरे-धीरे अधिक भड़काऊ सामग्री बनाने का आदी हो जाता है, जहाँ नैतिकता का स्थान केवल दर्शकों की प्रतिक्रिया ले लेती है।

४. निर्माता – प्रेरणा और मनोविज्ञान Read Post »

Criminal Lex

३. अनैतिकता का डिजिटल रूपांतरण

आज हम डिजिटल युग में हैं। प्रत्येक कार्य हम इंटरनेट के उपयोग से शीघ्रता से कर पा रहे हैं। इसी डिजिटल युग का एक समय ऐसा था जब एक बड़ा कंप्यूटर दुनिया से जुड़ता था और उसमें भी सामान्य लोग इंटरनेट कैफे जाकर इंटरनेट का उपयोग करते थे। लेकिन अब स्मार्टफोन घर-घर में है और यह समय की मांग भी है।

३. अनैतिकता का डिजिटल रूपांतरण Read Post »

Scroll to Top