११. असुरक्षित समूह – बच्चे और किशोर
शिक्षा की उम्र में बच्चों की एकाग्रता ही उनकी सफलता की कुंजी होती है। लेकिन अनुचित सामग्री का व्यसन बच्चों के मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में बदलाव लाता है। ऐसी सामग्री से मस्तिष्क में डोपामाइन नामक रसायन का स्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे अस्थायी आनंद मिलता है। इसके बार-बार उपयोग से मस्तिष्क को इस तीव्र उत्तेजना की आदत हो जाती है, परिणामस्वरूप पढ़ाई जैसे शांत और एकाग्रता के काम में बच्चों को रुचि नहीं रहती। किताबें पढ़ना या गणित के सवाल हल करना उन्हें अत्यंत उबाऊ लगने लगता है।
