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12. Social Consequences – Family and Relationships

Family structure is based on responsibilities toward each other and emotional connections. When a family member falls prey to indecent material, their entire attention shifts from the home to the virtual world. This addiction is as harmful as drug addiction, as the person loses their social awareness. Due to the use of indecent material, the person prefers solitude, completely breaking communication with other family members.

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१२. सामाजिक परिणाम – कुटुंब आणि नातेसंबंध

हे व्यसन अंमली पदार्थांच्या व्यसनासारखेच घातक असते, कारण यात व्यक्ती आपले सामाजिक भान हरवून बसते. अनुचित साहित्याच्या वापरामुळे व्यक्ती एकांतवासात राहणे पसंत करते, ज्यामुळे कुटुंबातील इतर सदस्यांशी असलेला तिचा संवाद पूर्णपणे खंडित होतो.

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१२. सामाजिक परिणाम – परिवार और रिश्ते

सच्चा रोमांस और प्रेम धैर्य, समय और एक-दूसरे को समझने पर निर्भर होता है। लेकिन, अनुचित सामग्री ने तत्काल संतुष्टि (इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन) की आदत डाल दी है। एक क्लिक पर मिलने वाली यौन संतुष्टि व्यक्ति को रिश्ता बनाने के लिए आवश्यक मेहनत से दूर ले जाती है। नई पीढ़ी को किसी के साथ रिश्ता जोड़ना, उसके लिए समय देना और भावनाओं का आदान-प्रदान करने के बजाय डिजिटल पर्दे पर मिलने वाली कृत्रिम संतुष्टि आसान लगने लगी है।

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११. असुरक्षित गट – मुले आणि किशोरवयीन

वयानुसार न कळणारी माहिती आणि दृश्यांच्या संपर्कात आल्यामुळे मुलांच्या विचार प्रक्रियेत विकृती निर्माण होत आहे. हे साहित्य केवळ एका क्लिकवर उपलब्ध असल्यामुळे पालकांसाठी आपल्या मुलांवर लक्ष ठेवणे कठीण झाले आहे. अनुचित साहित्यामुळे निर्माण होणाऱ्या आभासी जगाचा प्रभाव मुलांच्या खऱ्या आयुष्यातील नातेसंबंधांवर, वर्तनावर आणि त्यांच्या शिक्षणावर खोलवर होत आहे.

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११. असुरक्षित समूह – बच्चे और किशोर

शिक्षा की उम्र में बच्चों की एकाग्रता ही उनकी सफलता की कुंजी होती है। लेकिन अनुचित सामग्री का व्यसन बच्चों के मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में बदलाव लाता है। ऐसी सामग्री से मस्तिष्क में डोपामाइन नामक रसायन का स्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे अस्थायी आनंद मिलता है। इसके बार-बार उपयोग से मस्तिष्क को इस तीव्र उत्तेजना की आदत हो जाती है, परिणामस्वरूप पढ़ाई जैसे शांत और एकाग्रता के काम में बच्चों को रुचि नहीं रहती। किताबें पढ़ना या गणित के सवाल हल करना उन्हें अत्यंत उबाऊ लगने लगता है।

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१०. वैयक्तिक परिणाम – पुरुष आणि स्त्रिया

अनुचित साहित्याचा सर्वाधिक घातक परिणाम म्हणजे पुरुषांच्या मानसिकतेत होणारा बदल. अशा साहित्यात प्रणयक्रीडेचे अत्यंत अवास्तव आणि अनेकदा हिंसक चित्रण केले जाते. जेव्हा एखादी व्यक्ती वारंवार हे साहित्य पाहते, तेव्हा तिच्या मनात स्त्रियांबद्दलचा आदर कमी होऊन एक विकृत प्रतिमा तयार होऊ लागते. खऱ्या आयुष्यातील नातेसंबंध आणि पडद्यावर दिसणारे कृत्रिम जग यातील फरक ती व्यक्ती विसरून जाते.

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१०. वैयक्तिक परिणाम – पुरुष और स्त्रियां

अनुचित सामग्री का सबसे घातक परिणाम पुरुषों की मानसिकता में होने वाला बदलाव है। ऐसी सामग्री में कामुकता का अत्यंत अवास्तविक और अक्सर हिंसक चित्रण किया जाता है। जब कोई व्यक्ति बार-बार यह सामग्री देखता है, तो उसके मन में स्त्रियों के प्रति सम्मान कम होने लगता है और एक विकृत छवि बनने लगती है। वास्तविक जीवन के रिश्ते और पर्दे पर दिखने वाली कृत्रिम दुनिया के बीच का अंतर वह व्यक्ति भूल जाता है।[1]

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10. Personal Consequences – Men and Women

The impact of indecent material (pornography) on the internet on human life is an extremely serious and alarming topic in today’s era. Due to technological advancements, this material has become easily accessible, but its adverse effects on mental, social, and personal levels are profound. Indecent material does not only affect a person’s sexual life but also has negative impacts on their personal and mental health. A detailed analysis of the various points in this topic is as follows.

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९. उपभोग का मनोविज्ञान

इसे ही रतिचित्रण (पोर्न) का व्यसन कहा जाता है। यह व्यसन नशीले पदार्थों के व्यसन की तरह ही मस्तिष्क की कार्यप्रणाली में बदलाव लाता है। उपयोगकर्ता को फिर से वही उच्च स्तर का आनंद प्राप्त करने के लिए बार-बार और अधिक समय तक ऐसी सामग्री की ओर मुड़ना पड़ता है, जिससे बाहर निकलना व्यक्तिगत इच्छाशक्ति के परे चला जाता है।

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